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चेट्टिपुण्यम हयग्रीव मंदिर

चेट्टिपुण्यम हयग्रीव मंदिर 
ज्ञान के देवता के लिए यह मंदिर चेंगलपेट के पास। यह माना जाता है की तिरुवाहिन्दूपुरम के मंदिरो के विग्रह आक्रमण से बचने के लिए यहाँ लाये गए। स्थानीय लोग इस मंदिर को श्री वरदराज स्वंय मंदिर भी कहते है।  यह मंदिर करीब ४०० साल पुराना है।

मुख्य देवता  – हयग्रीव देवता को श्री विष्णु का अवतार\माना जाता है।  इस अवतार में उनका शीश अश्व का है और यह दशावतारों का भाग नहीं है।  इस मंदिर में श्री विष्णु योग निद्रा की स्थिति में है और इसीलिए उनके साथ उनकी सहचरी महालक्ष्मी  नहीं है।

देव वरदराज का भी आसन यहाँ मौजूद है।  उनके साथ उनकी दो सहचरियां श्रीदेवी और भूदेवी है।  एक स्थान देवी हेमाम्बुजा नयकी के लिए भी है।  यह मुख्य द्वार के पास ही है।

विशेषतायें  – माना जाता की सं १८४८ में योग हयग्रीव और देवनाथस्वामी को तिरुवाहिन्दूपुरम के मंदिरो से यहाँ कुड्डालोर में लाया गया।  इसीलिए इस मंदिर के नाम को तीनो देवताओ के नाम से जाना जाता है।  मूलवर  – वरदराजस्वामी , उत्सव मूर्ती देवनाथस्वामी और मुख्य देवता योग हयग्रीव

वास्तुशैली  – इस मंदिर की मूर्तिया सूक्ष्म रूप से गड़ी गयी है। मंदिर की दाहिने और श्री राम का आसन है।  अक्टूबर १८६८ में श्री राम, लक्ष्मण और सीता और हनुमान की मूर्तियां यहाँ लायी गयी।  इस मंदिर के ध्वज स्तम्भ पर श्री गरुड़ की मूर्ती है जो मुख्य कक्ष के सामने है। 

समारोह/त्यौहार  – प्रति वर्ष “हयग्रीव जयंती ” मनाई जाती है।  यहाँ भगवान ज्ञान और विद्या के देवता है।  भक्त किताबे, पेन इत्यादि की पूजा करते है और अनेको दीप  जलाते है। .

संपर्क  –

मंदिर दौरे की कालावधि  –  ७ से १२ और दोपहर ४ से ८ 

दूरध्वनी  – +918675127999, 044 – 274631731, 28173263

पता  – Sri Yoga Hayagriva Seva Samithi, Perumal Thirukoil, Chettipuniyam Village, Singaperumalkoil, Chennai 603204

दिशा निर्देश : यह मंदिर चेन्नई से २० किलोमीटर पर है चेंगलपेट की ओर। GST रोड से २ किलोमीटर पर है और बस 60c उपलब्ध है। बस के अलावा ऑटो की सुविधाये भी है। 

Location: Singaperumal Kovil Bus Stop, NH Service Road, Singaperumal Koil, Tamil Nadu 603204, India

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